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गाँव भदास में लॉकडाउन के तहत ग्रामीण और प्रशासन का आपसी सहयोग बना मिसाल

जुनैद खां, सहगल फाउंडेशन 2020 के शुरुआत से कोरोना वायरस महामारी पूरे विश्व में तेज़ी से फैलती दिख रही है। भारतवासियों ने भी इसका प्रभाव देश भर में महसूस किया, और अभी तक संक्रमित लोगों की संख्या पूरे देश में बढ़ती चली जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत में २२ मार्च से लाक्डाउन लगाया गया था। देशभर में लोगों को अपने घरों से निकलने परमनाही थी, जिससे वह संक्रमित होने से बच सके और वायरस को फैलने से रोका जा सके। इस लॉकडाउन का पूरे देश में गहरा प्रभाव रहा, बड़े बड़े शहरों से लेकर छोटे छोटे गाँव तक सभी लोगों को | 2700 लोगों का काम, व्यापार, तो बंद हुआ ही साथ ही इसका सीधा प्रभाव कृषि से जुड़े कामों पर भी दिखाई दिया।

हरियाणा के नगीना खंड में बसे भादस गाँव में भी लॉकडाउन का असर पूरी तरह से पड़ा परंतु प्रशासन को सहयोग देने कि गाँव वालो ने लॉकडाउन के नियमों का पालन किया और एकजुट होकर गाँव की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई.गाँव में सोशल डिस्टन्सिंग का पालन अच्छे से किया गया। नगीना खंड की पुलिस गाँव-गाँव जाकर लोगों को सूचितकर रही थी, और कोई भी व्यक्ति के बेवजह बाहर दिखने पर उनको घर मेज रही थी। किसानों को खेत खेत जाकर भी सूचित किया गया जिससे वह खेतों में काम करते समय भी सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करे। 

गाँव के सरपंच ने सभी में मास्क का वितरण किया जिस कारण हर व्यक्ति बाहर निकलने पर मास्क लगा कर ही निकले, चाहे बाज़ार के लिए हो या खेत में काम करने के लिए। इसके अलावा गाँव के सरपंच और बाक़ी अधिकारियों ने हर घर की सुरक्षा केलिए बाहरी व्यक्तियों के गाँव में आने पर सड़्त नियम लगाए। कोई भी बाहरी व्यक्ति के आने पर उसकी जाँच गयी, और कोरोना वायरस के लक्षण महसूस होने पर उसको 4 दिन तक क्वॉरंटीन भी किया गया।.गविकी सका के लिएगवि की मदद से पहया आम किया गया। किन के कुछ लोग पूरे गाँव का रातभर पहरा करते है ताकि सभी निवासी सुरक्षित रहे। गाँव के निर्धन परिवारों को गाँव वालों ने मिलकर खाना, पानी, राशन आदि उपलब्ध कराया गया जिस कारण किसी भी घर में दैनिक आवश्यकताओं की आपूर्ति में कमी नहीं हो. भादस गाँव बेहतरीन प्रशासन और सामूहिक कार्यों की सफलता का अच्छा उदाहरण है। जब गाँव के लोग एकजुट होते है और मिलकर सामूहिक तौर पर गाँव के प्रशासन के साथ काम करते है, तब उसके सकरात्मक परिणाम आते हैं। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए समुदाय का सहयोग बहुत आवश्यक होता है और यह उदाहरण हमे सीख देता है की एकजुट होकर सबके सहयोग से हम कोरोना वाइस्स गंभीर महामारी का भी सामना कर सकते। 

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